वफादारी के मुद्दे पर विवाद से घिरे मानव संसाधन विकास मंत्री ने सोमवार को कहा कि वह चापलूस नहीं हैं और आरोप लगाया कि पार्टी में ऑफ द रिकॉर्ड ब्रीफिंग संस्थागत हो गई है।
'आजतक' से बातचीत में उन्होंने कहा कि कोई इस बात से सहमत हो या नहीं हो मेरा मानना है कि अखिल भारतीय कांग्रेस समिति जानती है कि मैं चापलूस नहीं हूँ।
उनसे कांग्रेस के उस बयान के बारे में सवाल किया गया था, जिसमें कहा गया है कि सोनिया गाँधी और राहुल गाँधी चापलूसों से दूर रहते हैं, इस पर उन्होंने कहा कि मैं यह तक नहीं जानता कि ये टिप्पणियाँ मेरे लिए थीं भी या नहीं। वे टिप्पणियाँ किसी और के लिए की गई होंगी।
'टाइम्स नाऊ' चैनल के साथ अलग बातचीत में उन्होंने कांग्रेस आलाकमान और अपने बीच किसी तरह के तनाव की बात से इनकार किया। सिंह ने कहा- मैंने एक पल के लिए भी 'तनाव' महसूस नहीं किया। मैं इतना ही कह सकता हूँ। निश्चित तौर पर अभिवादन का आदान-प्रदान हुआ।
उनसे पूछा गया था कि वफादारी का विवाद उठने के बाद क्या उनके और सोनिया के बीच तनाव है और क्या शनिवार को जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में कांग्रेस अध्यक्ष ने उन्हें नजरअंदाज किया था। उन्होंने कहा कि सोनिया और उनके बीच कोई तनाव नहीं है।
सिंह ने इस बात का भी खंडन किया कि सोनिया ने उनसे मानव संसाधन विकास मंत्रालय छोड़कर कोई अन्य कार्यभार लेने को कहा है। उन्होंने कहा कि इस बारे में मुझसे कोई बात नहीं की गई, कभी नहीं।
इस सवाल पर कि ये वफादारी का सवाल उठा ही क्यों, सिंह ने कहा इसका जवाब उन्हें ही देना चाहिए, जिन्होंने इस मुद्दे को उठाया है। मुझे उन्हें कोई जवाब नहीं देना है।
बातचीत में यह पूछने पर कि क्या वह इस घटनाक्रम से नराज हैं, उन्होंने कहा कि मैं इन सब चीजों से पहले भी गुजर चुका हूँ। शायद इससे कुछ खराब हालात से भी। ये बातें मुझे मेरी राह से नहीं डिगा पाईं और उम्मीद है कि यह ताजा घटनाक्रम भी नहीं डिगा पाएगा।
अपने भविष्य की संभावनाओं के बारे में पूछे जाने पर वरिष्ठ नेता ने कहा कि केवल अंतरआत्मा मुझे निर्देशित करती है। मेरी अंतरआत्मा क्या है, दुनिया जानती है।
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