तूतीकोरिन के मत्स्य महाविद्यालय एवं अनुसंधान संस्थान (एफसीआरआई) के वैज्ञानिकों ने सूक्ष्म समुद्री शैवाल से जैव ईंधन बनाया है।
संस्थान के डीन वीके वेंकटरमानी ने कहा सूक्ष्म समुद्री शैवाल से जैव ईंधन का उत्पादन एक बड़ी उपलब्धि है। एफसीआरआई इससे बड़े पैमाने पर जैव ईंधन बनाने के लिए एक औद्योगिक मॉडल बनाने की योजना बना रही है।
उन्होंने कहा समुद्री पानी से अलग किए गए सूक्ष्म समुद्री शैवाल की खेती पहले सम और विषम जलवायु प्रणाली में की गई।
इसमें सूक्ष्म शैवाल तेल पर उत्प्रेरक रासायनिक प्रतिक्रया को भी शामिल किया गया। इस तरह उत्पादित सूक्ष्म शैवाल उत्तकों को पीस कर उपयुक्त घोलकों की मदद से बॉयो लिपिड तेल निकाला गया।
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