विश्व प्रसिद्ध भगवान बद्रीनाथ धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
इस दौरान प्रदेश के मुख्यमंत्री खण्डूरी तथा जिले के आला अधिकारी भी मौजूद रहे। भारी अव्यवस्थाओं के बीच चार धामों में से एक बद्रीनाथ धाम के कपाट आगामी छह माह तक के लिए खोले गए हैं। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने बद्रीनाथ के दर्शन किए। गौरतलब है कि शेष तीन अन्य केदारनाथ, गंगोत्री तथा यमनोत्री के कपाट सात मई को ही खोल दिए गए थे।
बीते चालीस सालों के दौरान यह पहला मौका था, जब इन तीनों धामों के कपाट एक साथ अक्षय तृतीया के दिन खुले। यहाँ पर बिजली, पानी तथा खाने की समस्या बनी हुई है।
पंडा समाज के राकेश ध्यानी का कहना है कि इस बार जिला प्रशासन ने किसी भी व्यक्ति को पाँच मई से पूर्व यहाँ नहीं आने दिया, जिससे होटल, बिजली, पानी तथा खाने की व्यवस्थाओं को सुचारु किया जा सके। लोगों का कहना है कि मुख्यमंत्री के आने से भी श्रद्धालुओं को परेशानी हुई है, क्योंकि गढ़वाल मण्डल विकास निगम तथा अन्य आश्रमों पर सरकारी लोगों ने बीती रात ही डेरा डाल लिया था, जिससे आम श्रद्धालुओं को कड़कड़ाती ठंड में रात गुजारना पड़ी।
पंडा समाज के लोगों की प्रतिक्रिया थी कि मुख्यमंत्री के दौरे के कारण वसंत पंचमी के दिन निकाले गए मुहूर्त सुबह 4 बजकर 33 मिनट की जगह इस बार प्रशासन ने इसे अचानक बदलकर 7 बजकर 50 मिनट कर दिया।
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