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सबील अहमद बेंगलुरु पहुँचा
ब्रिटेन की जेल में 18 महीने गुजारने के बाद भारत भेजा गया भारतीय चिकित्सक सबील अहमद आज सुबह बेंगलुरु पहुँचा।

सबील पर आरोप है कि उसने ग्लासगो हवाई अड्डे को विस्फोट से उड़ाने की अपने भाई कफील अहमद की साजिश के बारे में जानकारी छ‍िपाकर रखी।

सबील आज अलसुबह तीन बजकर 43 मिनट पर यहाँ पहुँचा। उसके साथ लंदन से आए दो पुलिस अधिकारी भी थे। सबील ने हालाँकि मीडिया के सदस्यों का सामना नहीं किया जो उसका कल रात से इंतजार कर रहे थे।

सबील को सुरक्षा अधिकारी विमानतल के पिछले द्वार से बाहर ले गए। उसके बनाशंकरी स्थित निवास पर जमा हुए मीडिया के सदस्यों से उसकी माँ डॉ. जाकिया अहमद ने कहा कि सबील उनसे बात करने को इच्छुक नहीं है।

डॉ. जाकिया ने संवाददाताओं से कहा कि मैं उसे मीडिया से बातचीत करने के लिए मनाने की पूरी कोशिश करूँगी। इसमें कुछ दिन लग सकते हैं।

लंदन की एक अदालत ने पिछले महीने कहा था कि सबील को उसके भाई से ई-मेल मिला था, जिसमें उसकी हमला करने की इच्छा का विवरण था।

अदालत ने कहा था कि उसे हिरासत से मुक्त कर भारत भेजा जाएगा, क्योंकि वह सुनवाई के दौरान कैद में समय ब‍िता चुका है।

बेंगलुरु के मूल निवासी सबील को पिछले वर्ष 30 जून को लीवरपूल से गिरफ्तार किया गया थामीडिया के लगातार आग्रह पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. जाकिया अपने घर के बरामदे में आईं और उनसे सहयोग करने का निवेदन किया।

उन्होंने कहा आप मेरे साथ सहयोग करें तो मैं भी सहयोग करूँगी। विमानतल से बाहर आने के बाद सबील राहत महसूस कर रहा था। उसने पूरी रात यात्रा की है और वह बहुत थका हुआ है। कृपया उसे आराम करने दें।

डॉ. जाकिया ने हालाँकि इस सवाल का कोई जवाब नहीं दिया कि क्या सबील सही में दोषी है और क्या उसने गलती की है।
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