प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने महिला आरक्षण विधेयक राज्यसभा में पेश किए जाने को संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को एक तिहाई आरक्षण देने की ओर बढ़ाया गया पहला कदम बताते हुए उम्मीद जताई कि इसे लेकर संप्रग के कुछ घटक दलों सहित सभी दलों में कोई आम सहमति बनेगी।
सिंह ने यहाँ राष्ट्रपति भवन में सेना अलंकरण समारोह के बाद यह बात कही। यह पूछे जाने पर कि क्या संप्रग के घटक दलों में इस विधेयक को लेकर विरोध है, उन्होंने कहा कि यदि ऐसा होता तो मैं इसे कैबिनेट से मंजूर नहीं करा पाता। विधेयक लाने के बारे में सभी की आम राय थी।
सवालों के जवाब में प्रधानमंत्री ने स्वीकार किया कि इस विधेयक को लेकर कुछ दलों की अलग राय है, मसलन वे पिछड़े वर्गों को भी इसमें शामिल करने की माँग कर रहे हैं।
उन्होंने उम्मीद जताई कि संसद की स्थायी समिति में विधेयक पर गहन चर्चा के दौरान इन सारे मुद्दों और चिंताओं पर पूरा ध्यान दिया जाएगा और उसके बीच से कोई आम सहमति बन जाएगी।
एटमी करार पर उम्मीद कायम : सिंह ने कहा कि भारत अमेरिकी परमाणु करार के बारे में उन्होंने अभी भी उम्मीद नहीं खोई है और उन्हें भरोसा है कि इस संदर्भ में संप्रग-वाम समन्वय समिति में चल रही वार्ता में बुद्धिमतापूर्ण नतीजा निकलेगा।
उन्होंने कहा कि जब तक वार्ता जारी है, मेरी उम्मीद कायम है। उन्होंने कहा कि वे अच्छी उम्मीद के साथ ही बात कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या वामदलों के भारी विरोध को देखते हुए उन्हें अभी इस समस्या के हल होने की उम्मीद बची है, उन्होंने कहा कि हमें ऐसी उम्मीद करना चाहिए। मुझे इसकी पूरी उम्मीद है कि उन्हें सद्बुद्धि आएगी।
महँगाई काबू में आएगी : प्रधानमंत्री ने महँगाई को विश्व घटनाक्रम बताते हुए भरोसा दिलाया कि देश में इस पर दो-तीन महीने में काबू पा लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि महँगाई विश्वभर में फैली है। चीन में, यूरोप में, अमेरिका में और हमारे पड़ोसी देशों में भी महँगाई फैली है।
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