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सैनिकों के लिए डेजर्ट टेंट
कैमरे से भी नहीं देख सकेगा दुश्मन
अब रेगिस्तान में दिन की जबरदस्त गर्मी में भी सैनिक आराम से रह सकेंगे। केंद्र सरकार के रक्षा विभाग ने रेगिस्तान में उपयोगी ऐसा टेंट विकसित किया है, जो दिन में सैनिकों को ठंडक पहुँचाएगा और रात में गर्मी प्रदान करेगा।

भारत सरकार के रक्षा मंत्रालय के रक्षा सामग्री एवं भंडार अनुसंधान तथा विकास स्थापना के वस्त्र विभाग (डीएमएसआरडीई) के प्रमुख डॉ. अनुराग श्रीवास्तव ने बुधवार को बताया कि संस्थान के वैज्ञानिकों ने इस डेजर्ट टेंट का लैब परीक्षण कर लिया है।

सेना द्वारा राजस्थान के रेगिस्तानों में परीक्षण करने के बाद टेंट का निर्माण शुरू किया जाएगा। उन्होंने बताया रेगिस्तान में दिन का अधिकतम तापमान 55 डिग्री सेंटीग्रेड तक जाता है, जबकि रात में इसमें अचानक गिरावट आ जाती है। वहाँ धूलभरी आँ‍धियाँ भी चलती रहती हैं।

डॉ. श्रीवास्तव के मुताबिक डेजर्ट टेंट विशेष कपड़ों के मिश्रण से बना है। इसके नीचे दिन में तापमान बाहर के तापमान से करीब दस डिग्री कम रहेगा। जब रात में रेगिस्तान का तापमान अचानक काफी गिर जाता है, उस वक्त इसमें सैनिकों को हल्की गर्मी का एहसास होगा।

टेंट की लंबाई-चौड़ाई इतनी होगी कि इसके नीचे 10-12 सैनिक रह सकेंगे। दुश्मन को दूरबीन की मदद से भी सैनिकों की पोजीशन नजर नहीं आएगी। यह गर्मी के साथ सर्दी व बारिश में भी सैनिकों का साथ निभाएगा। एक टेंट की उम्र करीब पाँच साल होगी।

डॉ. श्रीवास्तव के मुताबिक डीएमएसआरडीई ने पहले सियाचिन में तैनात सैनिकों के लिए ग्लेशियर टेंट बनाया था। वह सेना के परीक्षण में सफल रहा था। यह टेंट भी संस्थान की प्रयोगशाला में खरा उतरा है।

उन्होंने बताया यह पूरी तरह स्वदेशी तकनीक पर आधारित है। सेना से हरी झंडी मिलते ही इसका निर्माण शुरू कर दिया जाएगा।
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