केंद्र की संप्रग सरकार के एक घटक दल राष्ट्रीय राजद ने बुधवार को मौजूदा स्वरूप में महिला आरक्षण बिल का कड़ा विरोध करते हुए कहा कि विधायिका में दलित और अल्पसंख्यक महिलाओं को आरक्षण देने की उसकी माँग यदि नहीं मानी गई तो वह कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र की गठबंधन सरकार से अपना समर्थन वापस ले सकती है। राजद के वरिष्ठ नेता देवेन्द्र प्रसाद यादव से जब यह पूछा गया कि क्या राजद महिला आरक्षण के मसले पर केंद्र से समर्थन वापस लेने की हद तक जा सकता है, उन्होंने कहा कि हमारी रणनीति में सब कुछ शामिल है।
राजद संप्रग सरकार का दूसरा सबसे बड़ा घटक दल है। उन्होंने कहा कि राजद महिला आरक्षण विधेयक में संशोधन करेगा और यदि आरक्षण के भीतर दलित अल्पसंख्यक अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की महिलाओं को आरक्षण प्रदान नहीं किया गया तो पार्टी मत विभाजन के लिए भी दबाव बनाएगी।
राजद के कठोर रुख से संसद के मानसून सत्र में संप्रग के महिला आरक्षण विधेयक को पारित करने के प्रयासों को झटका लग सकता है।
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