संसद में महिला आरक्षण विधेयक पेश होने को लेकर उत्साह से लबरेज महिलाओं के लिए एक और अच्छी खबर देश में तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने वाले संस्थान अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) से आई है।
परिषद के नवनियुक्त अघ्यक्ष आरए यादव ने बताया कि परिषद ने जो नए कदम उठाए हैं, उसमें महिलाओं के लिए अलग इंजीनियरिंग कॉलेज खोलना आसान हो गया है और इससे देश में महिलाओं के लिए तकनीकी शिक्षा को बढा़वा मिलने की संभावना बनी है।
परिषद ने देश में महिलाओं में तकनीकी शिक्षा के प्रसार को बढ़ावा देने के लिए महिला इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की शर्तो को काफी आसान बना दिया है।
अब महिलाओं के लिए नए इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने के लिए कॉलेज परिसर हेतु मात्र पाँच एकड़ की जमीन चाहिए, जबकि पहले 10 एकड़ जमीन जरुरी होती थी। यही नहीं, ऐसे कॉलेजों में सीटों की संख्या 240 से बढ़ाकर 300 कर दी गई और प्रवेश के लिए जमा राशि भी कम कर दी गई है।
यादव ने बताया कि परिषद ने नए संस्थानों को मंजूरी देने की प्रक्रिया को पारदर्शी बना दिया है। नए संस्थानों की स्वीकृति के लिए एक समय सारिणी बनाई गई है, जिससे निजी संस्थान खोलने को इच्छुक लोगों के लिए परेशानियों के कम होने की उम्मीद है।
उन्होंने बताया कि पहली बार नियमों को इस प्रकार से सरलीकरण किया गया है कि अगर कोई संस्थान जरुरी मानकों को पूरा करता है तो उसके आवेदन पर उसी दिन 'लेटर ऑफ इंटेण्ट' (एलओआई) जारी कर दिया जाएगा, जबकि पहले एलओआई जारी होने में महीनों लग जाते थे।
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