जम्मू-कश्मीर से कांग्रेस के सांसद मदनलाल शर्मा को सेक्स स्कैंडल मामले में राज्य विधानसभा के अध्यक्ष ताराचंद और एक विधायक के खिलाफ झूठी आपत्तिजनक और आवांछित टिप्पणी करने के आरोप में पार्टी ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
जम्मू से कांग्रेस के सांसद की टिप्पणी पर कड़ा रुख अख्तियार करते हुए पार्टी की राज्य इकाई के प्रमुख सैफुद्दीन सोज ने उनसे मामले में एक हफ्ते के भीतर जवाब देने को कहा है। नोटिस में उनसे पूछा गया है कि आखिर अनुशासन और दुर्व्यवहार से संबद्ध टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ क्यों नहीं अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाए। नोटिस में सोज ने शर्मा की टिप्पणी का जिक्र किया है। जम्मू के खोउर में रविवार को आयोजित एक जनसभा में शर्मा ने आरोप लगाया था कि उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी और मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद से संपर्क किया था और वरिष्ठ नेताओं ने ताराचंद और विधायक पीरजादा मोहम्मद सईद को सेक्स स्कैंडल मामले में फँसने से बचाने के लिए हस्तक्षेप किया।
सोज ने शर्मा से कहा है कि मैंने झूठी आपत्तिजनक और अवांछित टिप्पणी को गंभीरता से लिया है। सोज केंद्रीय मंत्री भी हैं।
शर्मा को दिए गए नोटिस में कहा गया है कि आपने बयान देते हुए यह ध्यान नहीं रखा कि जम्मू-कश्मीर सरकार ने मामला प्रकाश में आने के बाद शीघ्रता से कार्रवाई करते हुए जाँच की जिम्मेदारी सीबीआई के हवाले कर दी थी।
सोज ने शर्मा को यह भी याद दिलाया कि मामला जम्मू-कश्मीर उच्च न्यायालय तथा पंजाब हरियाणा उच्च न्यायालय में लंबित है, लेकिन सांसद ने इस तथ्य को ध्यान में नहीं रखा।
शर्मा ने आरोप लगाया है कि चंद और सईद का नाम सेक्स स्कैंडल में था, लेकिन पार्टी के शीर्ष नेताओं के हस्तक्षेप से उन्हें बचाया गया। बहरहाल उन्होंने अगले दिन बयान से पीछे हटते हुए कहा कि उन्होंने ऐसी कोई टिप्पणी नहीं की है।
इससे पहले जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा था कि शर्मा द्वारा लगाए गए आरोप झूठे हैं और इसके लिए उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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