केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री अर्जुनसिंह के राजनीति में 51 वर्ष पूरे होने पर उनके राजनीतिक सामाजिक एवं वैयक्तिक जीवन के तमाम पहलुओं को समेटे पुस्तक 'मोहिं कहाँ विश्राम' का लोकार्पण शुक्रवार को किया जाएगा।
सिंह के परिजन और सहयोगियों ने पुस्तक में राजनीति, समाजसेवा साहित्य एवं कला जगत के अलावा उनके संपूर्ण जीवन के अलग-अलग पहलुओं पर लेख और टिप्पणियों का संग्रह किया है। किताब की प्रथम प्रति नौ मई को राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल को भेंट की जाएगी।
संसद के एनेक्सी भवन परिसर में आयोजित समारोह की अध्यक्षता लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी करेंगे। पुस्तक का संपादन पत्रकार डॉ. कन्हैयालाल नंदन ने किया है। लगभग तीन सौ पृष्ठों की इस पुस्तक का मूल्य चार सौ रुपए है।
चौपाई से निकला शीषर्क : सिंह के कार्यालय में हमेशा एक तख्ती टंगी रहती है। इस पर गोस्वामी तुलसीदास की एक चौपाई की पंक्ति 'राम काज कीन्हें बिना, मोहिं कहाँ विश्राम' अंकित है। डॉ. नंदन ने इसी आधार पर पुस्तक का शीर्षक तय किया है।
|