प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने कहा कि वे अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश की उस टिप्पणी पर कोई बयान देकर विवाद पैदा नहीं करना चाहते।
गौरतलब है कि अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा था कि भारत के वृहद मध्यम वर्ग के खानपान के तौर तरीकों के बेहतर होने से पूरे विश्व में खाद्य पदार्थों की कीमतों में वृद्धि हुई है। राष्ट्रपति भवन में सोमवार को प्रधानमंत्री से अमेरिकी राष्ट्रपति की टिप्पणी पर उनकी प्रतिक्रिया जाननी चाही थी। उन्होंने कहा कि मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता हूँ। मैं इस विषय में किसी वाद विवाद में नहीं पड़ना चाहता कि विदेशी राष्ट्राध्यक्ष ने क्या कहा।
मुद्रास्फीति नियंत्रण : आवश्यक वस्तुओं की बढ़ती कीमतों को हो रही चौतरफा आलोचनाओं के संदर्भ में प्रधानमंत्री ने कहा कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए कई कदम उठाए गए हैं, लेकिन इनका असर सामने आने में कुछ समय लगेगा।
बढ़ती मुद्रास्फीति के बारे में पूछने पर उन्होंने कहा- हमने कई उपाय किए हैं। मुद्रास्फीति नियंत्रित करने में इसमें कुछ समय लगेगा। स्थितियों में सुधार होने का विश्वास व्यक्त करते हुए उन्होंने कहा कि कृषि की स्थिति शानदार है तथा 22.7 करोड़ टन का रिकॉर्ड खाद्यान्न उत्पादन हुआ है।
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