भारत ने चीन द्वारा परमाणु हथियारों से लैस पनडुब्बी का निर्माण किए जाने पर चिंता जताई। उसने संकेत दिया कि इस मुद्दे पर सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति में शीघ्र चर्चा की जाएगी।
नौसेना प्रमुख सुरीश मेहता से जब सैटेलाइट तस्वीरों में चीन की ओर से परमाणु हथियारों से लैस पाँच पनडुब्बियाँ तैयार किए जाने के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि यह भारत के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि हमें परमाणु पनडुब्बी ठिकानों की परवाह नहीं है। हम परमाणु पनडुब्बी की संख्या के बारे में चिंतित हैं, जिनका निर्माण हमारे पड़ोस में किया जा रहा है।
रक्षामंत्री एके एंटनी ने इस मुद्दे को टालते हुए कहा कि चाहे समुद्री सीमा की बात हो या थल सीमा की बात देश के सुरक्षा बल हमारे सुरक्षा हितों का पूरा खयाल रखने में सक्षम हैं।
इस घटनाक्रम का भारत पर पड़ने वाले सुरक्षा प्रभावों पर विचार करने के लिए जल्द ही सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति की बैठक बुलाई जाएगी।
तस्वीरें यह बयाँ कर रही हैं कि चीन ने गुप्त रूप से विशाल भूमिगत परमाणु पनडुब्बी ठिकाना बना लिया है। इससे क्षेत्र में भारत तथा अन्य देशों को खतरा हो सकता है।
उपग्रह तस्वीरों में कथित तौर पर दर्शाया गया है कि चीन ने जबरदस्त ठिकाना बना लिया है। हेनान द्वीप स्थित सान्या ठिकाने में बैलिस्टिक मिसाइल से लैस पनडुब्बियों के साथ-साथ विमान वाहकों को भी रखा जा सकता है। एडमिरल मेहता ने कहा कि परमाणु पनडुब्बियों को लंबी दूरी से संचालित किया जा सकता है।
उम्मीद है कि एडमिरल मेहता इस संबंध में प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह की अध्यक्षता वाली सुरक्षा मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति को इस बारे में सूचित करेंगे।
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