विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी की सोमवार को लोकसभा में अपनी बात रखने के दौरान थोड़ी जुबान फिसल गई और उन्होंने सदन के नेता को लीडर ऑफ अपोजिशन कह दिया।
सदन में विपक्ष के 32 सदस्यों के अमर्यादित आचरण संबंधी मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजने के अध्यक्ष के निर्णय से उपजे विवाद पर मेलमिलाप की प्रक्रिया चल रही थी और सदन के नेता प्रणब मुखर्जी के बयान के बाद जब भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार आडवाणी अपनी बात रखने लगे तो उन्होंने विदेशमंत्री को नेता विपक्षी दल कह दिया। ऐसा उनसे दो बार हुआ और उसके बाद फिर उन्होंने उसमें सुधार किया।
आडवाणी के मुँह से यह शब्द निकलने पर चुटकी लेते हुए सोमनाथ चटर्जी ने हँसते हुए कहा कि वे (आडवाणी) ऐसी उम्मीद कर रहे हैं।
अध्यक्ष की टिप्पणी पर कुछ सदस्य ठहाका लगाते दिखे। आडवाणी ने अपने वक्तव्य में 32 सांसदों के मामले को विशेषाधिकार समिति से वापस लेने के मुखर्जी के आग्रह का समर्थन किया।
|