मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > राष्ट्रीय
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
फिरोज खान की पुत्री को अदालत की सलाह
बॉलीवुड अभिनेता फिरोज खान की पुत्री लैला खान राजपाल को दिल्ली की एक अदालत ने उसके टेनिस खिलाड़ी पति रोहित राजपाल के साथ वैवाहिक मतभेदों को दूर करने की ईमानदार कोशिश करने के लिए कहा है।

तलाक के लिए लैला और रोहित द्वारा दाखिल संयुक्त याचिका पर आदेश में अतिरिक्त जिला न्यायाधीश सीमा मैनी ने दंपति को अपना दांपत्य बचाने के लिए साथ रहने का प्रयास करने की सलाह दी है।

न्यायाधीश ने कहा कि लैला खान (28) और भारतीय टेनिस खिलाड़ी रोहित राजपाल (37) को साथ रहने का प्रयास करने और अपने मतभेदों को दूर करने का प्रयास करने की सलाह दी जाती है। यदि वे ऐसा करने में नाकाम रहते हैं तो वे कानून के मुताबिक वैधानिक अवधि के भीतर दूसरी याचिका दाखिल कर सकते हैं।

इस दंपती ने इस साल दस अप्रैल को संयुक्त याचिका दाखिल कर इस आधार पर अलगाव की माँग की थी कि उनका विवाह स्थायी रूप से टूट गया है।

याचिका में कहा गया पति और पत्नी के रूप में उनके साथ रहने की हलकी संभावना भी नहीं बची है। उनकी दलील पर विचार करते हुए अदालत ने हालाँकि उनसे साथ रहने का ईमानदारी से प्रयास करने और उसके पास तभी आने को कहा है, जब वे अपने मतभेदों को दूर करने में नाकाम हो जाते हैं।

बॉलीवुड अभिनेता निर्देशक फिरोज खान की पुत्री लैला ने विशेष विवाह अधिनियम (एसएमए) के तहत याचिका दाखिल की थी। याचिका में कहा गया कि रुख और स्वभाव में अंतर के कारण वे सितंबर 2006 से ही अलग-अलग रह रहे हैं।
उनके बीच संक्षिप्त प्रेम व्यवहार के बाद नौ दिसंबर 1998 को उनका विवाह हुआ था।

याचिका में कहा गया कि मतभेदों को दूर करने के प्रयास किए गए लेकिन वे विफल रहे। इसमें कहा गया कि अलग होने का फैसला दोनों ने मिलकर किया।

न्यायाधीश ने उनकी दलील पर कहा कि मैं इस बात से संतुष्ट हूँ कि विशेष विवाह अधिनियम की प्रासंगिक धारा के तहत याचिका मूलभूत जरूरतों को पूरा करती है।

अदालत ने कहा कि विशेष विवाह अधिनियम के तहत तलाक की याचिका को एक सुनवाई में अनुमति नहीं दी जा सकती और संबद्ध पक्षों को अपना विवाह बचाने के लिए खुद को एक और मौका देना चाहिए। कोर्ट ने कहा कि एक याचिका दाखिल कर अधिनियम के प्रावधानों के मद्देनजर सीधे दोनों पक्षों का विवाह समाप्त नहीं किया जा सकता है।

मुंबई के जुहू की निवासी लैला और यहाँ न्यू फ्रेंड्‍स कालोनी निवासी रोहित ने अदालत में यह घोषणा भी दी कि एक-दूसरे के खिलाफ कोई आपराधिक या दीवानी शिकायत लंबित नहीं है। दंपति ने यह भी कहा कि वे एक-दूसरे के खिलाफ किसी अन्य मुकदमेबाजी के पचड़े में भी नहीं पड़ेंगे।
और भी
बच्चों के लिए केवल आधे घंटे का वक्त...
...तो टूट जाएगा महिला का रोजा
विश्वविद्यालय बढ़ा सकते हैं फीस
लोकसभाध्यक्ष के फैसले से राजग नाराज
बाबरी मस्जिद दंगों में विभाजित फैसला
भाजपा को कर्नाटक में मौका दें-आडवाणी