खराब आचरण के लिए अपने सांसदों का नाम विशेषाधिकार समिति के पास भेजे जाने से नाराज राजग नेताओं की बैठक यहाँ सोमवार को होगी। इसमें भावी रणनीति पर विचार किया जाएगा।
लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी द्वारा 32 सांसदों से संबंधित मामला विशेषाधिकार समिति को सौंपने के बाद पहली बार राजग की बैठक होगी। जिन सांसदों के नाम विशेषाधिकार समिति को भेजे गए हैं, उनमें से ज्यादातर विपक्ष के हैं।
पूर्व केंद्रीय मंत्री शाहनवाज हुसैन ने बताया कि वे अभद्र आचरण करने वाले सांसदों में अपना नाम पाकर आश्चर्यचकित हैं। उन्होंने कहा कि मूल्यवृद्धि जैसे मुद्दे सदस्य संसद में उठा सकते हैं। विपक्ष इसमें समझौता नहीं कर सकता। हुसैन उन भाजपा सांसदों में हैं, जिनका मामला विशेषाधिकार समिति को सौंपा गया है। शिवसेना के दो सांसदों के भी नाम इसमें शामिल हैं।
शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने बताया कि सदन में जो कुछ भी किया गया, वह ज्वलंत मुद्दे को उठाने के लिए किया गया। इस मामले में हमें खेद नहीं है।
सपा भी नाराज : समाजवादी पार्टी (सपा) के मुख्य सचेतक मोहनसिंह ने 32 सांसदों के व्यवहार का मुद्दा विशेषाधिकार समिति को भेजने संबंधी लोकसभा अध्यक्ष सोमनाथ चटर्जी के फैसले पर खेद जताया है। सिंह ने कहा उन्हें इस तरह की कार्रवाई नहीं करना चाहिए थी।
सदन के पीठासीन अधिकारियों की समिति में शामिल सिंह ने कहा कि लोकसभा अध्यक्ष को स्वयं किसी सदस्य को सदन से बाहर चले जाने अथवा गड़बड़ी करने पर उसका नाम पुकारने का अधिकार है। अध्यक्ष की यह जिम्मेदारी है कि वह सदस्यों को नियंत्रित करे।
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