सिकंद मोटर के मालिक के बेटे की हत्या करने वाले सेना के अवकाश प्राप्त लेफ्टिनेंट कर्नल एसजे चौधरी को एक स्थानीय अदालत ने शनिवार को उम्रकैद की सजा सुनाई।
चौधरी ने अक्टूबर 1982 में एक पार्सल बम भेज कर सिकन्द मोटर के मालिक एच डी सिकन्द के बेटे किशन सिकन्द की उसके सुन्दरनगर स्थित फ्लैट में हत्या कर दी थी। किशन ले. कर्नल की तलाकशुदा बीवी रानी के साथ रह रहा था। यही बात उसे नागवार गुजरी थी। किशन और रानी उसी साल शादी करने वाले थे।
ले.कर्नल चौधरी को विस्फोटकों का विशेष प्रशिक्षण प्राप्त था और सेना में हर सामान तक उसकी पहुँच थी। उसने एक हथगोले को पार्सल में इस तरह से पैक किया कि खोलते ही वह फट जाए। बाद में उसे किशन के पते पर भेज दिया।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश ममता सहगल ने दलील सुनने के बाद चौधरी को भारतीय दंड सँहिता की धारा 302 एवं कुछ अन्य धाराओं के तहत उम्रकैद के साथ 10 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
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