पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने लोगों की जिंदगी बचाने के लिए सड़क दुर्घटनाओं और बच्चों के जन्म जैसे चिकित्सीय आपात स्थितियों को संभालने के लिए सेवा से जुड़े संगठनों, अस्पतालों और सरकारों को एकजुट होकर काम करने का आह्वान किया है।
डॉ. कलाम ने यहाँ गंगा अस्पताल की सामुदायिक चिकित्सा सेवा 'स्वास्म' का शुभारंभ करते हुए कहा कि हृदय रोगों, सड़क दुर्घटनाओं, स्वयं द्वारा पहुँचाई गई चोंटों, प्राकृतिक आपदाओं और जन्म के समय होने वाली मौतों को रोकने के लिए आपातकालीन प्रबंध जरूरी है।
उन्होंने कहा कि भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग 17 प्रतिशत की शानदार दर से बढ़ रहा है लेकिन साथ भारतीय सड़कों पर दुर्घटनाओं की संख्या में भी वृद्धि हो रही है जो चिन्ता का विषय है। डॉ. कलाम ने कहा कि सड़क हादसों में प्रतिवर्ष 12 लाख व्यक्तियों को जान से हाथ धोना पड़ता है साथ ही देश को इसके कारण 55 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होता है।
उन्होंने कहा कि सड़कों के ढाँचागत निर्माण में त्रुटि को दूरकर वाहनों के डिजाइन में आवश्यक बदलाव चालक और यात्रियों में जागरूकता पैदा कर तथा और नवीन तकनीक के जरिए लोगों की जान बचाना अत्यावश्यक है।
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