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सरबजीत के घर खुशी की लहर
फाँसी टलने से परिजन उत्साहित
वर्षों से पाकिस्तान की जेल में कैद भारतीय नागरिक सरबजीतसिंह की फाँसी अनिश्चितकाल तक टलने के बाद उसके परिवार में खुशी का माहौल है। परिजनों को उसकी रिहाई की उम्मीद भी दिखने लगी है।

पाकिस्तान के गृहमंत्री सैयद कमल शाह ने इस्लामाबाद में बताया कि सरबजीत की फाँसी स्थगित कर दी गई है। यह पूछे जाने पर कि फाँसी कब तक स्थगित रहेगी, उन्होंने कहा कि शुक्रवार के आदेश में इसे स्थगित रखने के लिए किसी समयसीमा का जिक्र नहीं है।

सरबजीत के वकील राणा अब्दुल हमीद ने भी फाँसी टलने की पुष्टि की है। सरबजीत की पत्नी, बेटियों और बहन ने अमृतसर जिले के भिकीविंड गाँव स्थित एक गुरुद्वारे में प्रार्थना की और मिठाइयाँ बाँटीं। सरबजीत पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में चार बम धमाकों के आरोप में 18 साल से लाहौर की एक जेल में बंद है।

उसकी बहन दलबीर कौर ने कहा कि अब मुझे उम्मीद है कि पाकिस्तान सरकार अगले कुछ दिनों में उनके भाई को माफी दे देगी।

परिवार का कहना है कि सरबजीत गलत पहचान का शिकार हुआ। पहले उसे एक अप्रैल को फाँसी दी जाना थी, लेकिन इसे 30 अप्रैल तक टाल दिया गया। इसके बाद तकनीकी आधार पर फाँसी की सजा कुछ दिन के लिए और टाल दी गई। सरबजीत को ऐसे समय राहत मिली है, जब विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी 21 मई को पाकिस्तान की यात्रा पर जा रहे हैं।

सरबजीत को मिली राहत के लिए उसकी बहन दलबीर कौर ने पाक प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी, राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ, पीपीपी सह-अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी व पीएमएल (एन) प्रमुख नवाज शरीफ का आभार माना है। उन्होंने भारत सरकार का भी शुक्रिया अदा ‍किया।

उल्लेखनीय है कि पाकिस्तान के पूर्व मानवाधिकार मंत्री अंसार बर्नी ने सरबजीत को बचाने के लिए हाल ही में पाक राष्ट्रपति के सामने एक और क्षमा याचिका दायर की थी।
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