पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गाँधी की हत्या के मामले में आजीवन कारावास की सजा काट रही नलिनी मुरुगन से प्रियंका गाँधी की कथित मुलाकात को लेकर विवाद पैदा हो गया है। वेल्लूर कारागार के अधीक्षक ने ऐसी किसी भी मुलाकात से इनकार किया है।
सूचना के अधिकार कानून के तहत एक आवेदन देकर वकील डी. राजकुमार ने जेल अधीक्षक से कथित मुलाकात का विवरण माँगा था। इसके लिखित जवाब में जेल अधीक्षक राजासुंदरी ने इस तरह की कोई भी मुलाकात होने का खंडन किया है।
नलिनी के साथ प्रियंका की कथित मुलाकात के बारे में उन्होंने कहा कि आपके सवाल के जवाब में मैं आपको सूचित करना चाहता हूँ कि 14 मार्च 2008 और 19 मार्च 2008 को किसी ने भी कैदी से मुलाकात नहीं की।
राजसुंदरी का जवाब 11 अप्रैल का है, जबकि प्रियंका ने 19 मार्च की मुलाकात के बारे में मीडिया में आई खबर पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए 16 अप्रैल को इस बाबत जानकारी दी थी। प्रियंका ने कहा था कि यह मुलाकात हिंसा और नुकसान, जो उन्होंने झेला है, उससे उबरने का उनका तरीका है। नलिनी के वकील दुरैस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि उन्होंने आरटीआई के तहत नियुक्त राज्य के सूचना आयुक्त के पास अपील को तरजीह दी। उन्होंने आरोप लगाया कि जेल अधीक्षक मुलाकात पर लीपापोती करने का प्रयास कर रहे हैं और उनके खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
हालाँकि आरटीआई आयुक्त कार्यालय के अधिकारी इस मुद्दे पर चुप्पी साधे हैं। दुरैस्वामी ने दावा किया कि जेल रिकॉर्ड में प्रियंका के आने की कोई प्रविष्टि दर्ज नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि हो सकता है उन्हें इस संदर्भ में निर्देश दिया गया हो।
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