कश्मीर में कुछ आतंकवादियों द्वारा मतदाता पहचान-पत्र हासिल किए जाने संबंधी खबरों की पृष्ठभूमि के बीच चुनाव आयोग ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर में विभिन्न चुनावी उपायों को चुस्त-दुरुस्त बनाने के लिए उपायों पर चर्चा की। राज्य में इस वर्ष सितम्बर महीने में विधानसभा चुनाव निर्धारित है।
मुख्य चुनाव आयुक्त एन. गोपालस्वामी की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय चुनाव आयोग ने उग्रवाद प्रभावित जम्मू-कश्मीर में चुनाव की तैयारियों के बारे में मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीआर शर्मा के साथ चर्चा की।
गोपालस्वामी ने कहा कि इस बैठक के दौरान अन्य बातों के अलावा मतदाता सूचियों के संशोधन के मुद्दे पर भी चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि दूसरी जगहों पर जिन बातों पर अमल किया जाता है अगर वहीं जम्मू-कश्मीर में भी अमल किया जाता है तो यह अपने आप में फुलप्रूफ है।
उन्होंने कहा कि आयोग को वहाँ की घटनाओं के बारे में 2006 में जानकारी मिली थी और मतदाता पहचान-पत्र वितरित करने का काम काफी पहले रोक दिया गया था।
आयोग ने इसके साथ ही आंध्रप्रदेश में चुनाव की तैयारियों पर भी चर्चा की, जहाँ इस महीने चार लोकसभा सीटों और 18 विधानसभा सीटों के लिए उपचुनाव होने वाले हैं। आयोग ने वहाँ के मुख्य निर्वाचन अधिकारी आईवी सुब्बाराव के साथ चुनाव तैयारियों पर चर्चा की।
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