केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड की अध्यक्ष शर्मिला टैगोर ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदास को फिल्मी पर्दे पर अभिनेताओं द्वारा शराब पीने के बारे में चिंता जताने की बजाय देश में नकली दवाओं की बढ़ती समस्या के बारे में कुछ करना चाहिए।
इस मामले में उनके बयान पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शर्मिला ने कहा कि मैं विनम्रतापूर्वक यह सुझाव देना चाहूँगी कि नकली दवाओं जैसे कुछ बड़े मुद्दे हैं।
नकली दवाएँ भारतीय बाजार में आसानी से उपलब्ध हैं तथा इनसे खतरनाक बीमारियाँ हो रही हैं। इस बाजार का विशाल कारोबार है तथा मंत्री को इस मामले से निपटना चाहिए। शर्मिला ने कहा कि वह अल्कोहल के बारे में मंत्री के बयान के खिलाफ नहीं है, लेकिन फिल्म क्षेत्र के बारे में कोई भी टिप्पणी करने से पहले मंत्री को फिल्म निर्माण व्यवसाय से जुड़े लोगों के मतों पर ध्यान देना चाहिए। रामदास ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था कि पहले केवल खलनायक चरित्रों को ही शराब पीते हुए दिखाया जाता था, लेकिन अब हीरो को भी इसे पीते हुए दिखाया जाने लगा है।
उन्होंने कहा कि इसका युवा आबादी पर नकारात्मक असर होता है तथा अल्कोहल के बारे में एक राष्ट्रीय नीति शीघ्र ही बनाई जाएगी। स्वास्थ्य मंत्री पूर्व में अभिनेताओं को फिल्मी पर्दे पर सिगरेट पीते हुए दिखाने का विरोध कर चुके हैं।
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