प्रख्यात गाँधीवादी तथा समाजसेवी निर्मला देशपांडे की शुक्रवार सुबह यहाँ अंत्येष्टि कर दी गई। देशपांडे का गुरुवार की सुबह यहाँ उनके शाहजहाँ रोड स्थित सरकारी आवास पर निधन हो गया था।
देश के प्रमुख गाँधीवादी और समाजसेवकों तथा कांग्रेस महासचिव राहुल गाँधी और अनेक प्रमुख राजनेताओं की मौजूदगी में देशपांडे का यहाँ लोदी विद्युत शवदाहगृह में अंतिम संस्कार किया गया।
इस अवसर पर नागपुर, पुणे से आए उनके परिजन तथा वर्धा के निकट आचार्य विनोबा भावे के पवनार आश्रम के उनके सहयोगी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
इन लोगों के अलावा कांग्रेस महासचिव जनार्दन द्विवेदी, अशोक गहलोत, कोषाध्यक्ष मोतीलाल वोरा, केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रघुवंशप्रसाद सिंह, पूर्व केन्द्रीय मंत्री बूटासिंह, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख, जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री गुलामनबी आजाद, जम्मू-कश्मीर के अलगाववादी नेता यासीन मलिक, गाँधीवादी विचारक राजीव वोरा, राजमोहन गाँधी, समाजसेवी स्वामी अग्निवेश, भाजपा सांसद सुमित्रा महाजन, रिपब्लिकन पार्टी ऑफ इंडिया के रामदास अठावले, समाजसेवी शोभना रानडे समेत सामाजिक, राजनीतिक क्षेत्र के अनेक लोग मौजूद थे।
भारत-पाकिस्तान मैत्री को बढ़ावा देने के कारण पाकिस्तान में लोकप्रिय हुईं देशपांडे को श्रद्धांजलि देने के लिए पाकिस्तान के राष्ट्रपति जनरल परवेज मुशर्रफ की ओर से एक विशेष प्रतिनिधिमंडल अंत्येष्टि के समय मौजूद था।
इससे पूर्व देशपांडे को अंतिम श्रद्धांजलि देने के लिए उनके आवास पर आज सुबह से समाज के विभिन्न वर्ग के लोगों का ताँता लगा रहा।
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