देश में शराब का सेवन करने वालों की औसत उम्र दो दशकों में नौ वर्ष घट गई है। वर्ष 1990 में जहाँ 28 वर्ष का युवा पहली बार शराब का सेवन करता था अब वह 19 की उम्र में ही ऐसा करने लगा।
इस संबंध में किया गया अध्ययन यह कहता है कि आने वाले वर्षों में भारतीय 15 वर्ष की उम्र में ही शराब का सेवन करना शुरू कर देंगे।
वर्तमान में देश में लगभग 6 करोड़ 25 लाख लोग शराब का सेवन करते हैं और इनमें प्रति व्यक्ति प्रतिवर्ष लगभग 4 लीटर शराब का सेवन करता है।
इतना ही नहीं, देश में छः पुरुषों के मुकाबले एक महिला शराब का सेवन करती है। देश की 40 फीसदी सड़क दुर्घटना रात के समय में होती है, जिनमें एक तिहाई वाहन चालक नशाखोर होते हैं।
भारतीय कंपनियाँ भी पीछे नहीं : यदि भारत में शराब बनाने वाले उद्योगों की स्थिति देखी जाए तो वे काफी तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। दक्षिण-पूर्वी एशिया में लगभग 65 फीसदी शराब भारतीय कंपनियाँ उत्पादन करती हैं। ये आँकड़े अल्कोहल एटलस ऑफ इंडिया ने एकत्रित किए, जिन्हें इंडियन अल्कोहल पॉलिसी अलायंस ने जारी किया।
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री चिंतित : इन आँकड़ों को गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री अंबुमणि रामदास ने निर्णय लिया है कि वे देश की पहली अल्कोहल विरोधी योजना तैयार करेंगे व उसे लागू भी करेंगे। रामदास के मुताबिक देश में स्वास्थ्य संबंधित परेशानियों की मूल जड़ शराब ही है।
इसका सेवन करने वाले देश में दिनोंदिन बढ़ रहें हैं, उन्हें रोकने के लिए सभी को मिलकर एक-दूसरे की मदद करने की जरूरत है। देश में शराब का सेवन करने वाली महिलाओं की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है, जिनके कारण समाज में बुराइयों का तेजी से जन्म हो रहा है। अब वे राज्य सरकारों से इस संबंध में विचार-विमर्श करेंगे।
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