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इसरो ने किया समझौता
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने हिमालय क्षेत्र में जलवायु के अध्ययन के उद्देश्य से दो डाप्लर मौसम राडार (डीडब्ल्यूआर) लगाने के लिए रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) की हिम और हिमस्खलन अध्ययन प्रतिष्ठान (सासे) के साथ एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।

यहाँ जारी विज्ञप्ति के अनुसार इसरो ने डीडब्ल्यूआर की देशी तकनीक विकसित की थी और इसके उत्पादन के लिए तकनीक को भारत इलेक्ट्रॉनिक्‍स लिमिटेड को हस्तांतरित कर दिया था।

डीडब्ल्यूआरएस बैण्ड में काम करता है और अपने स्थान पर 400 किलोमीटर से अधिक दूरी तक और हवाओं के घनीभूत होने का पता लगा सकता है। यह तूफान, चक्रवात और बादलों के फटने की तेजी से भविष्यवाणी कर सकता है।

देश में बना ऐसा पहला राडार अप्रैल 2004 से श्रीहरिकोटा मे काम कर रहा है। डीडब्ल्यूआर का निर्माणधीन मार्क दो संस्करण अत्याधुनिक प्रणाली पर आधारित है जो कार्य दक्षता में कहीं भी उपलब्ध राडारों से कम नहीं है।
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