राजस्थान में उदयपुर के अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की त्वरित अदालत ने विदेशी युवती के साथ बलात्कार के आरोपी को बुधवार को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। बलात्कार के मामले में आजीवन कारावास की सजा का यह ऐतिहासिक फैसला है।
प्रकरण के अनुसार लंदन निवासी सुजाना मार्टिन, जो पेशे से पत्रकार हैं, 19 दिसंबर, 2007 को उदयपुर पहुँचकर यहाँ चाँदपोल स्थित परदेसी गेस्ट हाउस में ठहरीं। 23 दिसंबर की रात को युवती ने गेस्ट हाउस संचालक गोगुंदा के छाली गाँव निवासी पर्वतसिंह से कंबल माँगा। पर्वतसिंह युवती के कमरे में कंबल लेकर गया और उसने युवती के बाल पकड़कर उसे नीचे गिरा दिया। फिर उसके साथ बलात्कार किया। इसके अगले दिन मार्टिन ने होटल छोड़ दिया और अन्य होटल में चली गईं।
उसके बाद उसने आप बीती नई दिल्ली स्थित ब्रिटिश उच्चायोग को सुनाई, जहाँ से उसे संबंधित पुलिस थाने में गेस्ट हाउस संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कराने की हिदायत मिली।
उधर ब्रिटिश उच्चायोग ने भी जिला पुलिस को भी फैक्स के जरिये मामला दर्ज कराने की सिफारिश की। इस पर 9 जनवरी, 2008 को युवती ने अम्बामाता पुलिस थाने में मामला दर्ज कराया। मामला दर्ज करने के बाद तत्काल पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया और धारा 450 तथा 376 के अंतर्गत आरोपी के खिलाफ 14 जनवरी को न्यायालय में चालान पेश किया।
सत्र न्यायालय ने उक्त मामला के निस्तारण के लिए उसे अपर जिला एवं सत्र न्यायालय की त्वरित अदालत में भेजा। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करते हुए सहायक लोक अभियोजक भँवरसिंह देवड़ा ने 14 गवाह पेश किए। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ब्रजेन्द्र जैन ने आरोपी को भादसं की धारा 376 के तहत आजीवन कारावास एवं 25 हजार रुपए जुर्माना तथा धारा 450 के तहत सात वर्ष के कठोर कारावास एवं 10 हजार रुपए के जुर्माने की सजा सुनाई है।
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