कुत्ते भी अब आतंकी हो गए हैं। कुत्तों के आतंक के मद्देनजर आवारा कुत्तों की आबादी पर अंकुश लगाने के लिए उनकी नसबंदी की माँग राज्यसभा में की गई। शून्यकाल के दौरान समाजवादी पार्टी के शाहिद सिद्दीकी ने कुत्तों विशेष तौर पर आवारा कुत्तों के आतंक का मामला उठाया।
उन्होंने कहा कि इन कुत्तों के आतंक से गाँव, कस्बे तथा शहर के लोग त्रस्त हैं। हालत यह है कि कुत्ते के काटे को टीके तक उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। सरकार को चाहिए कि एक तरफ वह आवारा कुत्तों की बढ़ती आबादी पर अंकुश लगाए, साथ ही उनके काटे के इलाज के लिए टीके भी सुलभता से उपलब्ध कराए।
उन्होंने कहा कि हाल ही में अखबारों में एक दिल दहला देने वाला वाकया छपा है, जिसमें एक बच्चे को कुत्ते के काटने पर छह अस्पतालों ने टीका लगाने से यह कह कर इनकार कर दिया कि वह इलाज उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं आता है।
सदन में अन्य सदस्यों ने भी इस आतंक से निबटने की आवश्यकता जताई।
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