केंद्र सरकार ने महँगाई के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उद्योग जगत से सहयोग माँगा है। सरकार ने उद्योग जगत को नरमी के साथ मंगलवार को कहा कि यह उसकी सामाजिक जिम्मेदारी है साथ ही दो टूक शब्दों में उसे कहा कि ऐसा नहीं करने पर प्रशासनिक कार्रवाई के लिए तैयार रहे।
अवसर एक ही था सीआईआई का वार्षिक सम्मेलन। प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह ने उद्योग जगत से स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुद्रास्फीति के खिलाफ लड़ाई में सरकार का सहयोग करना उसकी सामाजिक जिम्मेदारी है।
उन्होंने उद्योग जगत को अल्पकालिक मुनाफे के प्रति आगाह किया। प्रधानमंत्री ने कहा कि उद्योग जगत को विकास प्रक्रिया की दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने में सरकार का सहयोग करना चाहिए।
सिंह ने कहा कि सरकार ने अपनी तरफ से कीमतों पर नियंत्रण के सिंह ने कहा कि सरकार ने अपनी तरफ से कीमतों पर नियंत्रण के लिए कदम उठाए हैं। उन्होंने उद्योग जगत को मुद्रास्फीति पर नियंत्रण में उसके सामाजिक उत्तरदायित्व का ध्यान दिलाया। साथ ही किसी भी तरह की गुटबंदी के प्रति आगाह किया।
इसी कार्यक्रम को बाद में संबोधित करते हुए वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने और भी साफ शब्दों का इस्तेमाल किया। उन्होंने उद्योग जगत से कहा कि कीमतों पर लगाम लगाएँ और ऐसा नहीं करने पर सरकार प्रशासनिक कदम उठाएगी। चिदंबरम ने कहा कि यदि यह राजकोषीय और मौद्रिक कदम काफी नहीं है और उद्योग जगत अपने व्यवहार में परिवर्तन नहीं लाता है तो हम निश्चित रूप से प्रशासनिक कदम उठाएँगे।
हालाँकि उन्होंने कहा कि सरकार को लगता है कि मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए उठाए गए वित्तीय और मौद्रिक कदम फिलहाल पर्याप्त हैं।
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