केंद्रीय जहाजरानी मंत्री टीआर बालू द्वारा कथित तौर पर अपने बेटों की सिफारिश किए जाने का कड़ा विरोध करते हुए विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह सबसे अधिक भ्रष्ट सरकार चला रहे हैं।
आडवाणी ने पार्टी संसदीय दल की बैठक में कहा कि संप्रग सरकार स्वतंत्र भारत की सबसे अधिक भ्रष्ट सरकार है और प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह इस भ्रष्ट सरकार कि मुखिया है।
बालू द्वारा कथित तौर पर प्रधानमंत्री कार्यालय से अपने बेटे की कंपनी के पक्ष में सिफारिशी पत्र लिखवाने को दुर्भाग्यपूर्ण करार देते हुए आडवाणी ने इस संबंध में प्रधानमंत्री से स्पष्टीकरण देने की माँग की है।
आडवाणी ने कहा कि कोई भी प्रधानमंत्री जो जवाबदेही के सिद्धांत और संसदीय लोकतंत्र में विश्वास करता हो, वह संसद के दोनों सदनों के सामने इस मामले में अपनी स्थिति स्पष्ट करेगा।
उन्होंने कहा कि यह माँग उठाना विपक्ष का कर्तव्य है, जो हम निभा रहे हैं और संसद में बयान देना प्रधानमंत्री की जिम्मेदारी है, जिसे वे निभा नहीं रहे हैं।
आडवाणी ने अपनी पार्टी सांसदों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री को दो वजहों से बयान देना जरूरी है। पहला वे सरकार के मुखिया होने के नाते अपनी जिम्मेदारी से मुकर नहीं सकते हैं और दूसरे वे प्रधानमंत्री कार्यालय की हर कार्रवाई के लिए जिम्मेदार हैं।
उन्होंने संप्रग अध्यक्ष सोनिया गाँधी की इस मुद्दे पर खामोशी पर भी आश्चर्य जताया।
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