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किडनी सरगना के खिलाफ आरोप-पत्र
सीबीआई ने करोड़ों रुपए के किडनी रैकेट मामले में मुख्य आरोपी अमित कुमार समेत नौ लोगों के खिलाफ मंगलवार को आरोप-पत्र दाखिल किया।

जाँच एजेंसी ने भादसं और मानव अंग प्रत्यारोपण कानून 1994 की विभिन्न धाराओं के तहत अंबाला की अदालत में आरोप-पत्र दाखिल किया है।

कुमार के अलावा उनके भाई जीवन राउत, उपेन्द्र कुमार एक अन्य डॉक्टर केके अग्रवाल, राममनोहर लोहिया अस्पताल की नर्स लिंडा, सरोज कुमार कोविंद, जगदीश और गयासुद्दीन के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किया गया है। अमित कुमार का वास्तविक नाम संतोष कुमार राउत है।

सीबीआई मामलों से संबद्ध विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत (अंबाला) में आरोपियों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल करते हुए जाँच एजेंसी ने मामले में गिरफ्तार किए गए अन्य लोगों के खिलाफ जाँच जारी रखने की मंजूरी देने का अदालत से अनुरोध किया।

जाँच एजेंसी ने उन लोगों के खिलाफ भी जाँच की अनुमति देने का अदालत से अनुरोध किया है, जिनके नाम मामले की पड़ताल के दौरान सामने आए हैं। आरोप-पत्र भादसं की 120-बी (आपराधिक साजिश), 307 (हत्या का प्रयास) तथा मानव अंग प्रत्यारोपण कानून 1994 की विभिन्न धाराओं के तहत दाखिल किया गया है।

जाँच के दौरान सीबीआई ने दावा किया कि उसके पास किडनी प्रत्यारोपण गिरोह मामले में मुख्य आरोपी अमित कुमार के खिलाफ ठोस सबूत हैं। जाँच एजेंसी के अनुसार अमित कुमार का वास्तविक नाम संतोष कुमार राउत है और उसने वर्ष 2001 में अपना नाम और जन्म की तारीख बदल ली थी।

वर्ष 1995 से लेकर अब तक कुमार के खिलाफ आठ आपराधिक मामले पाए गए, जो मुंबई, जयपुर, गुंटूर और दिल्ली में दर्ज हैं। ये सभी मामले किडनी के अवैध प्रत्यारोपण से संबद्ध हैं।

सीबीआई के अनुसार आरोपी के पास हालाँकि केवल आयुर्वेदिक मेडिसिन की डिग्री है, लेकिन वह अपने अस्पताल में किडनी प्रत्यारोपण के लिए ऑपरेशन किया करता था। जाँच एजेंसी ने यह भी दावा किया कि उसके भाई जीवन कुमार के पास होम्योपैथी की डिग्री थी और वह अपने भाई की सक्रिय रूप से मदद किया करता था।
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