उच्चतम न्यायालय ने सोहराबुद्दीन शेख की फर्जी मुठभेड़ में हत्या के मामले में कथित तौर पर संलिप्त पाए गए दो वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों एमएन दिनेश और एनके अमीन की जमानत की अर्जी सोमवार को खारिज कर दी।
न्यायमूर्ति अरिजित पसायत और न्यायमूर्ति पी. सदाशिवम की पीठ ने कहा उच्च न्यायालय के फैसले में हस्तक्षेप करने जैसी कोई आकस्मिक परिस्थिति पैदा नहीं हुई है।
राजस्थान कैडर के आईपीएस अधिकारी दिनेश और गुजरात पुलिस में पुलिस उपअधीक्षक स्तर के अधिकारी अमीन ने गुजरात उच्च न्यायालय द्वारा उनकी जमानत याचिका खारिज किए जाने को उच्चतम न्यायालय में चुनौती दी थी।
हालाँकि इसके पहले सुनवाई अदालत ने इन दोनों अधिकारियों की जमानत अर्जी को मंजूर कर लिया था, लेकिन उच्च न्यायालय ने उसे खारिज कर दिया।
उच्चतम न्यायालय के सामने रखी अपनी अर्जी में दोनों अधिकारियों ने दावा किया है कि उच्च न्यायालय ने उनकी जमानत याचिका खारिज करते समय कुछ निहायत अप्रासंगिक बातों को आधार बनाया है।
पुलिस अधिकारियों पर आरोप है कि उनमें से दिनेश ने इस मुठभेड़ में गुजरात पुलिस की मदद की थी और अमीर पर आरोप है कि उसने सोहराबुद्दीन की पत्नी कौसर बी की हत्या के बाद उसके शव को ठिकाने लगाया था।
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