भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी ने केंद्र की कांग्रेस की संप्रग को सभी मोर्चे पर विफल बताते हुए कहा है कि इस सरकार के कार्यकाल में आतंरिक सुरक्षा और विदेश संबंध दोनों में गिरावट आई है।
आडवाणी ने रविवार को यहाँ एक रैली को संबोधित करते हुए कहा कि इस सरकार के कार्यकाल में देश में आंतरिक सुरक्षा की स्थिति बद से बदतर हो गई है और विदेश संबंध भी लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। जनता महँगाई से त्रस्त है और वामपंथी महँगाई समेत विभिन्न मुद्दों पर केन्द्र के विरोध की नौटंकी कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की बिगड़ती आर्थिक स्थिति के लिए कांग्रेस और वामपंथी दोनों को जिम्मेवार ठहराया जाना चाहिए।
पार्टी की ओर से प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार आडवाणी ने आरोप लगाया कि सरकार वोट बैंक के खातिर धार्मिक आधार पर आरक्षण का प्रस्ताव कर संविधान की मूल भावना से भटक गई है। संविधान सभा का स्पष्ट मत था कि देश में धार्मिक आधार पर कोई आरक्षण नहीं होना चाहिए।
उनका यह भी आरोप था कि देश में सभी परियोजनाएँ और संस्थान एक ही परिवार के नाम से ही है। उन्होंने कहा कि संसद में पाँच परियोजनाएँ घोषित हुईं और वे सभी केवल पंडित नेहरू, इंदिरा गाँधी और राजीव गाँधी के नाम से हैं। कोई भी परियोजना या संस्थान डॉ. अंबेडकर, सरदार पटेल या किसी अन्य महापुरुष के नाम पर नहीं है।
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