कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से रविवार को मुलाकात के बाद पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री सीके जाफर शरीफ के तेवर ढीले पड़ गए तथा उन्होंने पार्टी के हित में काम करने का संकल्प किया है।
जाफर शरीफ ने यहाँ श्रीमती गाँधी से मुलाकात के बाद कहा कि वह पार्टी अध्यक्ष की इस बात से सहमत हैं कि सांप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए धर्मनिरपेक्षता और पार्टी की एकता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्रीमती गाँधी के साथ बातचीत से पूरी तरह संतुष्ट हैं और उनकी हर बात उन्हें स्वीकार है।
यह पूछने पर कि क्या उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब उन्हें श्रीमती गाँधी की हर बात स्वीकार है तो फिर इस तरह का सवाल करने का क्या मतलब है। श्रीमती गाँधी के साथ करीब आधे घंटे की मुलाकात के दौरान पार्टी महासचिव तथा कर्नाटक के प्रभारी पृथ्वीराज चह्वाण भी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव में पार्टी के टिकट वितरण में उपेक्षा से नाराज जाफर शरीफ ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया था। इस पर श्रीमती गाँधी ने उन्हें बातचीत के लिए दिल्ली बुलाया था। वह विधानसभा चुनाव के लिए पोते को पार्टी का टिकट नहीं मिलने से नाखुश बताए जाते हैं।
जाफर शरीफ ने बताया कि बातचीत में श्रीमती गाँधी ने कहा कि एक वर्ष में देश में आम चुनाव होने वाले हैं, जिनमें सांप्रदायिक ताकतों को हराने के लिए धर्मनिरपेक्षता और पार्टी की एकता बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा कि वह श्रीमती गाँधी की इस बात से सहमत हैं।
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