उच्चतम न्यायालय ने कहा है कि राष्ट्रीय राजधानी में तीसरी मंजिल के निर्माण की इजाजत केवल आवासीय इलाकों में दी जा सकती है, व्यावसायिक इलाकों में नहीं।
न्यायमूर्ति अरिजित पसायत तथा पी. सदाशिवम की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि तीसरी मंजिल के निर्माण की इजाजत वाली पहले की व्यवस्था केवल आवासीय इलाकों तक सीमित है।
उच्चतम न्यायालय ने यह तब स्पष्ट किया जब एमसीडी के वकील संजय सेन ने खंडपीठ के समक्ष आवेदन कर जानना चाहा कि क्या यह इजाजत व्यावसायिक इलाकों के लिए भी है।
वकील ने दावा किया कि यह स्पष्ट करना जरूरी है क्योंकि खंडपीठ के पहले के निर्देश के अनुपालन को लेकर एमसीडी अधिकारी भ्रम में हैं।
खंडपीठ ने एमसीडी के आवेदन का निपटारा करते हुए व्यंग्यात्मक लहजे में कहा स्पष्टीकरण की कोई जरूरत नहीं है। आपके अधिकारी मामला-दर-मामला तथा सूटकेस-दर-सूटकेस काम करते हैं।
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