कांग्रेस से रूठे नेता सीके जाफर शरीफ ने रविवार को शाम कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गाँधी से भेंट के बाद अपना इस्तीफा वापस ले लिया।
आगामी राज्य विधानसभा चुनाव के लिए अपने नाती को पार्टी की तरफ से टिकट न मिलने पर शरीफ ने कांग्रेस पार्टी से इस्तीफ दे दिया था। उन्होंने कहा कि मैंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। पार्टी सबसे ऊपर है।
दो दिन पहले कड़े तेवर में रहने वाले शरीफ आज बदले हुए थे। उन्होंने इस बारे में कुछ भी नहीं बताया कि सोनिया गाँधी ने उनको क्या आश्वासन दिया है।
शरीफ ने बताया कि सोनिया गाँधी ने कहा था कि धर्मनिरपेक्षता और एकता पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उनकी बातों को मैंने स्वीकार किया।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव से पहले पूर्व केंद्रीय मंत्री शरीफ के इस्तीफे ने पूरी पार्टी को हिला दिया था। खबरें तो यह भी थीं कि शरीफ राकांपा और बसपा के संपर्क में थे।
|