अमेरिका के साथ असैनिक परमाणु करार पर भाजपा के विचारों से विरोधाभास जताते हुए पूर्व राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ब्रजेश मिश्रा ने कहा है कि भारत को करार पर आगे बढ़ना चाहिए और विफल रहने पर देश की छवि बुरी तरह प्रभावित होगी तथा उसके परमाणु कार्यक्रम को झटका लगेगा। भाजपा के नेतृत्व वाली पूर्ववर्ती राजग सरकार में सुरक्षा सलाहकार रहे मिश्रा ने कहा कि करार को बुश प्रशासन के कार्यकाल में ही पूरा किया जाना चाहिए क्योंकि अमेरिका में सत्ता परिवर्तन से हालात मुश्किल हो जाएँगे। उन्होंने कहा कि वे इस मुद्दे पर सरकार के प्रतिनिधियों तथा वैज्ञानिकों से बातचीत कर चुके हैं और इस बात से सहमत हैं कि करार भारत के सामरिक कार्यक्रम को प्रभावित नहीं करेगा। मिश्रा ने करण थापर के 'डेविल्स एडवोकेट' कार्यक्रम में कहा कि यह करार हमें अपने सामरिक कार्यक्रम को जारी रखने से नहीं रोकेगा। इस बात में कोई संदेह नहीं है कि परमाणु परीक्षण करने को लेकर भारत पर किसी प्रकार का प्रतिबंध नहीं है। पूर्व सुरक्षा सलाहकार का बयान भाजपा की उस चिंता के विपरीत है, जिसमें पार्टी कहती आ रही है कि इससे भारत की सामरिक स्वायत्तता देश का परमाणु सैन्य कार्यक्रम तथा स्वतंत्र विदेश नीति प्रभावित होगी।
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