पाकिस्तान में लोकतांत्रिक सरकार आने के बावजूद आतंकवादी संगठन वहाँ से भारत के खिलाफ आतंक का खुला खेल खेल रहे हैं। प्रतिबंधित संगठन हरकत उल मुजाहिदीन अभी भी वहाँ स्थित बैंकों के जरिये आतंक के लिए चंदा इकट्ठा करने में लगा है।
हरकत उल मुजाहिदीन ने अपनी वेबसाइट के जरिये कश्मीर में जेहाद के लिए धन पहुँचाने का का पता कराची के मुस्लिम कमर्शियल बैंक की शेरशाह शाखा का दिया है।
खुफिया ब्यूरो (आईबी) के पूर्व संयुक्त निदेशक एमके धर ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया में कहा कि अमेरिका ने हरकत को आतंकवादी संगठनों की सूची में डाल रखा है, लेकिन उसने इसकी संपत्ति जब्त नहीं की है। उन्होंने कहा कि भारत को यह मामला अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहिए।
धर ने कहा कि सरकार पाकिस्तान से आग्रह करे कि वह इस संगठन के सभी खातों को सील कर उसकी संपत्ति जब्त कर ले।
दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस (आईडीएसएस) के वरिष्ठ रिसर्च फैलो अजय लेले ने इसे देश की सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए कहा कि भारत सरकार को इस मुद्दे को गंभीरता लेना चाहिए और उचित राजनयिक माध्यम से पाकिस्तान सरकार के समक्ष उठाना चाहिए।
लेले ने कहा कि सुरक्षा एजेंसियों को जाँच करनी चाहिए कि आतंकवादियों को धन किस स्रोत और किन-किन माध्यमों से मिल रहा है। आतंकवादियों के वित्तीय संपर्कों को उजागर करने की जरूरत है।
लेले ने सुझाव दिया कि सरकार पाकिस्तान से इस पूरे मामले की जाँच का आग्रह करे। इससे आतंकवादियों को सीमा पार से मिल रही मदद के भारत के दावे को बल मिलेगा। भारत के अलावा अमेरिका में भी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन हरकत उल मुजाहिदीन अपने नापाक मंसूबों को अंजाम देने के लिए अब सूचना प्रौद्योगिकी के सहारे संचार के नवीनतम साधनों का इस्तेमाल कर रहा है।
हरकत ने अपनी वेबसाइट डब्ल्यूडब्लयूडब्ल्यू.हरकतउलमुजाहिदीन.ओआरजी पर कश्मीर में चल रहे जिहाद का ब्योरा दिया है। हरकत इस वेबसाइट के जरिये लोगों तक पहुँचने की कोशिश कर रहा है।
धन देने की अपील करते हुए हरकत ने कहा है आपके पास यह मौका है कि जेहाद में अपना योगदान कर सकते हैं। अगर आप शारीरिक तौर पर नहीं तो वित्तीय मदद देकर योगदान कर सकते हैं। हरकत ने धन पहुँचाने के लिए कराची स्थिति मुस्लिम कमर्शियल बैंक की शेरशाह शाखा में अपने खातों का पता दिया है।
हरकत ने दो खातों का पता दिया है इनमें एक चालू खाता है, जबकि दूसरा विदेशी मुद्रा चालू खाता है। आतंकवादी संगठन ने अपनी वेबसाइट पर कहा है कि हरकत उल मुजाहिदीन जम्मू-कश्मीर की घाटी में उन कश्मीरी लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहा है, जिनका आठ लाख से अधिक भारतीय सैनिक उत्पीड़न कर रहे हैं।
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