महँगाई के कारण विपक्ष और जनता के तानों को झेल रहे प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह के लिए भारतीय वायुसेना ठंडी बयार जैसी खबर ला रही है।
एक महीने के भीतर वायुसेना के पास 734 करोड़ रुपए की लागत से खरीदे गए तीन बोइंग बिजनेस जैट (बीबीजे) में से पहला विमान आ रहा है, जिसमें प्रधानमंत्री के लिए पूरा दफ्तर आकाश में खुल जाएगा।
गलीचों, सोफासेट और तमाम तरह की सुविधाओं से लैस इस उड़न खटोले में धरती से 41 हजार फुट तक की ऊँचाई पर सफर करते हुए प्रधानमंत्री बैठकें और प्रेस कांफ्रेंस भी कर सकेंगे। थकान होने पर वह चैन से सो सकेंगे और अपने विमान में ही ओडियो विजुअल माध्यम से हमेशा नई दिल्ली कार्यालय के सम्पर्क में बने रहेंगे।
बीबीजे अगले महीने के आखिर तक वायुसेना के वीवीआईपी कम्युनिकेशन स्क्वेड्रन में शामिल हो रहा है, जिसका जिम्मा राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और शीर्ष कैबिनेट मंत्रियों की हवाई यात्राओं का होता है। इस समय विमान की भीतरी सज्जा अमेरिका के डेलवेयर में पैट्स एयरक्राफ्ट कम्पलीशन सेंटर में चल रही है।
वहां इसमें अत्याधुनिक स्टेटरूम, मीटिंग रूम, कम्युनिकेशन सेंटर और 48 यात्रियों के बैठने की सुविधा बनायी जा रही है। वहीं पर भारतीय वायु सेना इसकी परीक्षण उड़ान भी आयोजित कर रही है। यह विमान मई के आखिर में या जून के पहले सप्ताह में पालम हवाई अड्डे को स्पर्श करेगा।
प्रधानमंत्री की सुरक्षा के लिए इस विमान में अत्यंत गोपनीय मिसाइल बचाव प्रणाली लगायी जा रही है तथा इसे राडार चेतावनी प्रणाली एवं इलैक्ट्रानिक प्रतिरोधी उपायों से लैस किया जा रहा है। विमान में इंफ्रा रेड सेंसर और मिसाइल को काफी दूरी से भाँपने वाले जैमर लगे होंगे।
वायु सेना के सूत्रों के अनुसार यह विमान एक बार में 14 घंटे की उडान में 11 हजार से अधिक किलोमीटर का सफर तय कर सकता है और 807 वर्ग फुट का यह प्रधानमंत्री आवास एवं कार्यालय हवा में 890 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उड़ान भर सकता है।
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