उग्रवाद के कारण कश्मीर घाटी छोड़कर अन्यत्र गए कश्मीरियों की शीघ्र वापसी सुनिश्चित करने के प्रयास के तहत केंद्र सरकार ने शुक्रवार को उनके लिए आवास रोजगार की सुविधाएँ देने तथा ऋण के ब्याज की माफी सहित 1600 करोड़ रुपए के पैकेज की घोषणा की।
राज्यसभा में गृहमंत्री शिवराज पाटिल ने अपनी ओर से दिए बयान में कहा कि पैकेज के लाभ उन सभी कश्मीरी विस्थापित परिवारों को मिलेंगे जो 1989 के बाद घाटी छोड़कर चले गए और अब तक वापस नहीं लौट पाए हैं।
उन्होंने कहा कि दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रमों के चलते 55 हजार से अधिक कश्मीरी परिवारों को अपने घरों से बेदखल होने के लिए मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि ये कश्मीरी विस्थापित घाटी के विविधतापूर्ण सामाजिक ताने-बाने का अभिन्न हिस्सा हैं और उनकी वापसी से एक बड़ी मानवीय चिंता का निवारण हो जाएगा, जिस पर ध्यान देने की माँग बरसों से की जा रही है।
पाटिल ने जिस पैकेज की घोषणा की उसमें घाटी वापसी को प्राथमिकता देने वाले प्रत्येक विस्थापित परिवार को 7.5 लाख रुपए का अनुदान दिया जाएगा। इस राशि से वह अपना मकान बना सकेंगे या ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के माध्यम से मकान खरीद सकेंगे।
ग्रुप हाउसिंग सोसायटी के लिए राज्य सरकार से भूमि चिह्नित करने के लिए कहा गया है। लोकसभा में इस आशय का बयान गृह राज्यमंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल ने दिया।
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