खाद्यान्न एवं अन्य उपभोक्ता वस्तुओं के वायदा कारोबार को जायज ठहराने के लिए योजना आयोग के उपाध्यक्ष मोंटेकसिंह अहलुवालिया को आड़े हाथों लेते हुए भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) ने महँगाई पर प्रभावी अंकुश के लिए इस पर तुरंत रोक लगाने की माँग की।
भाकपा के संसदीय नेताओं ने कहा कि वायदा कारोबार पर रोक लगाने की कृषि मंत्रालय से संबंधित स्थायी समिति की सिफारिश के बाद इसे जायज ठहराने वाला अहलुवालिया का वक्तव्य इस संसदीय संस्था का अपमान है।
राज्यसभा में भाकपा के नेता डी राजा तथा लोकसभा में पार्टी के नेताओं एस सुधाकर रेड्डी, सी के चन्द्रप्पन एवं प्रबोध पांडा ने सरकार पर महँगाई रोकने को लेकर अगंभीर होने का भी आरोप लगाया और सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) को मजबूत करने, केरल एवं पश्चिम बंगाल की पीडीएस के अनाज की आपूर्ति में कटौती वापस लेने तथा जमाखोरी, कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए आवश्यक उपभोक्ता वस्तु कानून में संशोधन की भी माँग की।
भाकपा नेताओं ने पीडीएस से वितरण के लिए केरल के अनाज के कोटे में 84 प्रतिशत तक कटौती की शिकायत करते हुए कहा कि राज्य की पूर्ववर्ती कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा सरकार के समय अगर आवंटित खाद्यान्न नहीं उठाया गया था तो उसकी सजा लोगों को नहीं दिया जाना चाहिए।
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