संसद की एक समिति ने सरकार से महानगर टेलीफोन निगम लिमिटेड (एमटीएनएल) में रात की पाली में काम करने वाली महिलाकर्मियों को लाने-ले जाने की सुविधा उपलब्ध करवाने की सिफारिश की है।
महिलाओं को अधिकार प्रदान करने संबंधी संसदीय समिति ने एमटीएनएल में महिलाओं की काम की परिस्थितियों पर संसद में प्रस्तुत रिपोर्ट में इस बात पर खेद जताया कि इस कंपनी में कार्यरत महिलाओं को यह सुविधा मुहैया नहीं कराई गई है।
समिति ने कहा है कि महिला कर्मचारियों की निजी और व्यावसायिक जिंदगी में संतुलन लाने के लिए यह जरूरी है कि अपनी ड्यूटी के बाद वे जल्दी घर पहुँच जाएँ।
उसने संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय से अनुरोध किया है कि वह यह मामला प्राथमिकता के आधार पर एमटीएनएल के साथ उठाए और रात की पाली में काम करने वाले कर्मचारियों को परिवहन की सुविधा प्रदान करने के लिए तत्काल व्यवस्था की जाए।
समिति ने कामकाजी महिलाओं की दोहरी जिम्मेदारी के मद्देनजर मंत्रालय से एमटीएनएल को यह निर्देश देने का भी अनुरोध किया है कि उनके वास्तविक आधार पर किए जाने वाले तबादले के आवेदनों पर सहानुभूति पूर्वक विचार किया जाए।
उसने मंत्रालय से ऐसा तंत्र बनाने की भी सिफारिश की है कि एमटीएनएल तथा भारत संचार निगम लिमिटेड (बीएसएनएल) के कर्मचारियों को एक दूसरे के संगठन में स्थानांतरित किया जा सके।
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