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देश की हथियार खरीद प्रक्रिया ठीक नहीं
रक्षा उपकरणों और हथियारों की खरीद की लंबी प्रक्रिया पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए संसद में सदस्यों ने इसमें सुधार करने, रक्षा बजट का पूरा इस्तेमाल करने और रक्षा वैज्ञानिकों और अधिकारियों के वेतनमान आकर्षक बनाने पर जोर दिया।

रक्षा मंत्रालय से संबंधित अनुदान माँगों पर चर्चा शुरू करते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सदस्य एवं सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल टीपीएस रावत ने कहा कि देश की हथियार खरीद प्रक्रिया ठीक नहीं है, जिसके कारण सेनाओं के आधुनिकीकरण पर असर पड़ता है।

उनका कहना था कि जब तक कोई हथियार या प्रणाली हम हासिल कर पाते है तब तक वह पुरानी पड़ जाती है। उन्होंने सुझाव दिया कि खरीद योजना कम से कम 15-20 वर्ष पहले से बना लेनी चाहिए ताकि समय पर उपकरण, हथियार और सही प्रौद्योगिकी हासिल हो सके।

लेफ्टिनेंट जनरल रावत ने हर वर्ष पूरे रक्षा बजट की राशि का इस्तेमाल न किए जाने पर भी चिंता जताई और ऐसी व्यवस्था करने का अनुरोध किया कि बची हुई राशि का आगे इस्तेमाल किया जा सके। उन्होंने रक्षा बजट में वृद्धि करने और रक्षा उत्पादन में आत्म निर्भरता के लिए उचित प्रयास करने की जरूरत बताई।

उन्होंने सदन में अपने इस पहले भाषण में चीन द्वारा अपनी ताकत बढ़ाए जाने के संदर्भ में देश की रक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की भी आवश्यकता बताई।
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