उत्पादकता और गुणवत्ता में सुधार के सरकार के अथक प्रयासों के चलते पिछले तीन-चार साल में देश से मसालों और कॉफी के निर्यात में 50 से लेकर 65 प्रतिशत तक वृद्धि दर्ज की गई है।
वाणिज्य एवं उद्योग राज्यमंत्री जयराम रमेश ने लोकसभा को एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2004-05 में देश से 3.48 लाख टन प्रमुख मसालों का 2350.51 करोड़ रुपए का निर्यात किया गया। वर्ष 2006-07 में निर्यातित मसालों की मात्रा बढ़कर 3.73 लाख टन और निर्यात से अर्जित राशि 3575.75 करोड़ रुपए तक पहुँच गई। निर्यात आय में 52 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
इसी अवधि में कॉफी निर्यात से प्राप्त राशि 64 प्रतिशत बढ़कर 2008 करोड़ रुपए तक पहुँच गई। उपलब्ध आँकड़ों के मुताबिक वर्ष 2004-05 में 1224.67 करोड़ रुपए की 2.12 लाख टन कॉफी का निर्यात किया गया।
वर्ष 2006-07 तक निर्यात मूल्य 2008 करोड़ रुपए और निर्यात मात्रा 2.49 लाख टन तक पहुँच गई। यही नहीं समाप्त वित्त वर्ष 2007-08 में मार्च से फरवरी के 11 महीनों में 3785.40 करोड़ रुपए के मसालों का और 1600 करोड़ रुपए की कॉफी का निर्यात कर लिया गया था।
जयराम रमेश ने बताया कि उत्पादकता में सुधार के विभिन्न प्रयासों के चलते प्रमुख मसालों के उत्पादन में भी काफी सुधार आया है। मसालों का उत्पादन पिछले तीन साल में 22.4 प्रतिशत बढ़कर 22.79 लाख टन और कॉफी का उत्पादन 4.5 प्रतिशत बढ़कर 2.88 लाख टन तक पहुँच गया।
उन्होंने बताया कि उत्पादन बढ़ाने के लिए 11वीं पंचवर्षीय योजना में मसालों और कॉफी का उत्पादन क्षेत्र बढ़ाने पर जोर दिया गया है। इसके अलावा निर्यात को बढ़ावा देने के लिए व्यापार मेलों एवं प्रदर्शनियों में भागीदारी का भी बढ़ चढ़कर आयोजन किया जा रहा है।
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