सरकार ने कहा कि सेनाओं का आधुनिकीकरण उसकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस काम में धन की कोई कमी नही होने दी जाएगी। उसने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी देश के साथ सैन्य गठजोड़ नहीं किया जाएगा।
रक्षामंत्री एके एंटनी ने संसद में रक्षा मंत्रालय से संबंधित अनुदान माँगों पर चर्चा का जवाब देते हुए यह आश्वासन भी दिया कि छठे वेतन आयोग की सिफारिशों पर विचार के लिए गठित समिति सैन्यकर्मियों को बेहतर वेतनमान देने के मुद्दे और अनियमितताओं को दूर करने पर भी विचार करेगी। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह स्पष्ट कर चुके है कि सैन्यकर्मियों को उचित वेतनमान दिए जाएँगे।
एंटनी ने कहा कि सेनाओं का आधुनिकीकरण सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इस वर्ष इस कार्य के लिए 37482 करोड़ रुपए रखे गए हैं। उन्होंने एक लाख 5600 करोड़ के रक्षा बजट को उचित बताते हुए कहा कि वित्त मंत्री ने जरूरत पड़ने पर और धन देने का आश्वासन दिया है।
रक्षामंत्री ने स्पष्ट तौर पर कहा कि सरकार किसी भी देश के साथ किसी तरह का सैन्य गठजोड़ नहीं करेगी और भारत अपनी स्वतंत्र नीति के अनुरूप चलेगा। उन्होंने बताया कि हम कई देशों के साथ संयुक्त सैन्य अभ्यास कर रहे हैं लेकिन ये किसी देश विशेष के खिलाफ नहीं हैं।
उनका कहना था कि ऐसे सहयोग से क्षमता बढ़ती है। उन्होंने बताया कि अमेरिका के साथ संयुक्त नौ सेना अभ्यास 1992 में शुरू हुआ था और तब से यह लगातार चल रहा है। रूस, ब्रिटेन, फ्रांस, सिंगापुर, मलेशिया, वियतनाम तथा कुछ अन्य देशों के साथ भी संयुक्त सैन्य अभ्यास किए गए हैं। इस वर्ष चीन के साथ भी अभ्यास किया गया और इस वर्ष के अंत में चीनी सेना यह अभ्यास करने भारत आएगी।
अमेरिका के साथ लॉजिस्टिक समझौता करने के बारे में कुछ सदस्यों की आशंकाओं पर एंटनी ने स्पष्ट किया कि देश की संप्रभुता की कीमत पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने बताया कि अभी यह समझौता किया नहीं किया गया है सिर्फ बातचीत चल रही है।
उन्होंने स्वीकार किया कि सीमा क्षेत्र में सड़क आदि बुनियादी सुविधाएँ बनाने में समस्याएँ रही हैं लेकिन अब सरकार इन क्षेत्रों में हवाई ठिकाने तथा रेल और सड़क संपर्क को प्राथमिकता देगी। अरुणाचल प्रदेश को इसमें सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने बताया कि इन क्षेत्रों में 72 सड़कों को प्राथमिकता सूची में रखा गया है।
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