छठे वेतन आयोग की सिफारिशों को रक्षा कर्मचारियों के हितों के खिलाफ बताते हुए विभिन्न दलों के सदस्यों ने मंगलवार को सरकार से इस मुद्दे पर गंभीरता से विचार करने और रक्षा बलों के लिए अलग वेतन आयोग बनाने का आग्रह किया।
लोकसभा में रक्षा मंत्रालय के वर्ष 2008-09 की अनुदान माँगों पर चर्चा के दौरान आमतौर पर सभी दलों के सदस्यों ने वेतन आयोग की सिफारिशों को रक्षा कर्मचारियों के हितों के अनुरूप नहीं बताया। भाजपा के टीपीएस रावत ने कहा कि छठे वेतन आयोग ने सशस्त्र बलों के साथ न्याय नहीं किया है। आप चाहते हैं कि वे ईमानदार रहें लेकिन आप उन्हें इतना कम भुगतान करते हैं कि वे बेईमान हो जाएँ।
सपा के मोहनसिंह ने भी यह मुद्दा जोर-शोर से उठाया और कहा कि सेना के पायलटों को कोई भी एयरलाइन कंपनी लाखों का भुगतान करने को तैयार है। यही हालत रक्षा वैज्ञानिकों की है।
उन्होंने कहा कि वेतन आयोग की सिफारिशों के आने के बाद खबरें आ रही हैं कि वरिष्ठ सैन्य अधिकारी इस्तीफा देने को तैयार हैं। उन्होंने रक्षा कर्मचारियों के लिए अलग वेतन आयोग बनाने का सुझाव दिया और उनके वेतन भत्तों को ब्रिटेन फ्रांस जैसे देशों के अनुरूप करने की माँग की।
राजद के गणेश प्रसादसिंह ने कहा कि छठे वेतन आयोग में सेना के निचले दर्जे के कर्मचारियों को कोई खास सुविधा नहीं दी गई है। यही बात बसपा के इलियास आजमी ने भी कही। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि आयोग की रिपोर्ट आने के बाद फौज में बेचैनी है और सरकार को उनके वेतन की समीक्षा के लिए अलग से आयोग गठित करना चाहिए।
शिरोमणी अकाली दल के रतन सिंह अजनाला ने सैनिकों के वेतन में वृद्धि किए जाने पर बल देते हुए कहा कि देश की सुरक्षा में लगे लोगों तथा उनके परिवार के सदस्यों को मिलने वाली सुविधाओं में इजाफा होना चाहिए।
द्रमुक की एमएस के भवानी राजेंद्र ने सैनिकों के वेतन के कम होने पर चिंता व्यक्त की और कहा कि स्थिति यह है कि सेना के लोग भी अपने बच्चों को इस क्षेत्र में आने के लिए प्रोत्साहित नहीं करते। उन्होंने कहा कि रक्षाकर्मियों के वेतन में इजाफा किया जाना चाहिए और उन्हें आयकर से छूट मिलनी चाहिए।
पूर्व सैनिकों के साथ भाजपा : छठे वेतन आयोग में प्रस्तावित वेतन से रक्षाकर्मियों, न्यायपालिकाकर्मियों और पुलिसकर्मियों में उभरे असंतोष को तत्काल दूर किए जाने की सरकार से माँग करते हुए भाजपा ने कहा कि वह इस संबंध में चल रहे पूर्व सैनिकों के विरोध प्रदर्शन में सहयोग करेगी।
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