तिब्बत में चीन अहिंसक प्रदर्शनों को दबाने और मीडिया को वहाँ तक पहुँचने से रोकने में पूरी तरह सफल रहा है। वहाँ के हालात ये हैं कि सुरक्षाबल घरों में घुसकर लोगों के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर रहे हैं और मोबाइल रिचार्ज पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि कोई भी सूचना बाहर न जा सके।
यह कहना है तिब्बत की निर्वासित सरकार के सांसद येनपा शेरिंग का जो इन दिनों भारत में चीन के खिलाफ हो रहे तिब्बतियों के विरोध प्रदर्शनों में भाग लेकर प्रदर्शनकारियों का हौसला बढ़ा रहे हैं और साथ ही उनसे अहिंसक बने रहने का भी अनुरोध कर रहे हैं।
शेरिंग ने बातचीत में कहा कि तिब्बत में हालात बहुत खराब हो चले हैं। चीन सरकार ने लोगों की आवाज दबाने के लिए सारी हदें पार कर दी हैं। वहाँ लोगों के टेलीफोन काट दिए गए हैं और मोबाइल रिचार्ज पर रोक लगा दी गई है, ताकि वहाँ की कोई खबर बाहर न जा सके।
उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय मीडिया पर बीजिंग ने पहले ही रोक लगा रखी है। लोग टेलीफोन और मोबाइल के जरिये तिब्बत में हो रही घटनाओं की सूचना अंतरराष्ट्रीय मीडिया या फिर अन्य देशों में रह रहे अपने रिश्तेदारों को दे सकते थे, लेकिन अब लोगों को इन सुविधाओं से ही वंचित कर दिया गया है।
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