मुख्य पृष्ठ > खबर-संसार > समाचार > राष्ट्रीय
सुझाव/प्रतिक्रियामित्र को भेजियेयह पेज प्रिंट करें
 
महँगाई की मार, सरकार पर प्रहार
यूएनपीए और वामपंथी दल महँगाई पर एकजुट
WDWD
वामदलों और यूएनपीए के नेताओं ने शनिवार को बढ़ती महँगाई के लिए केन्द्र की संप्रग सरकार की जमकर आलोचना करने के बाद यहाँ पर गिरफ्तारियाँ दीं और कहा कि अगर सरकार ने कारगर कदम जल्दी नहीं उठाए तो वे अपना आंदोलन तेज करेंगे।

वामदलों और यूएनपीए के नेताओं ने एक स्वर में सरकार की आर्थिक नीतियों के खिलाफ और आम आदमी के हित के प्रति उसकी उदासीनता के विरुद्ध यहाँ एक राष्ट्रीय सेमिनार में अपनी आवाज उठाई।

सेमिनार में माकपा के महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि ऐसा लगता है कि सरकार बढ़ती मुद्रास्फीति से पैदा हुए खतरे के प्रति जरा भी चिंतित नहीं है। उन्होंने कहा कि मुद्रास्फीति रोकने के लिए तत्काल कदम उठाए जाने चाहिए, वरना स्थिति और भयावह हो सकती है।

करात ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी बात नहीं मानी तो उन्हें अपना संघर्ष तेज करना पड़ेगा। सरकार के खिलाफ इसी तरह के विचार भाकपा के महासचिव एबी बर्धन और यूएनपीए के नेता चंद्रबाबू नायडू, मुलायमसिंह यादव, ओमप्रकाश चौटाला और फारूख अब्दुल्ला ने भी व्यक्त किए।

वक्ताओं ने माँग की कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली को और मजबूत किया जाना चाहिए, आवश्यक वस्तु अधिनियम का सख्ती से पालन होना चाहिए, जमाखोरी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए और खाद्यान्नों पर वायदा कारोबार को खत्म कर देना चाहिए।

दोनों दलों के नेता जिनमें माकपा के सीताराम येचुरी, भाकपा के डी. राजा आरएसपी के अबनी राय और सपा महासचिव अमरसिंह शामिल थे। बाद में एक रैली में प्रधानमंत्री कार्यालय के लिए रवाना हुए, लेकिन उन्हें संसद भवन के पास रोक लिया गया, जहाँ उन्होंने गिरफ्तारियाँ दीं।
और भी
न्यायपालिका भी भ्रष्ट है-मनमोहन
मनमोहन को महँगाई घटने का भरोसा
'ज्ञानेन्द्र को शरण की अटकलें काल्पनिक'
क्रीमी लेयर को बाहर न करें-पीएमके
धर्मांतरित को आरक्षण स्‍वीकार नही-भाजपा
महँगाई पर भाजपा छेड़ेगी आंदोलन