प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह और वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने शुक्रवार को विश्वास व्यक्त किया कि भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) द्वारा कल रात नकद आरक्षित अनुपात (सीआरआर) बढ़ाने के फैसले के परिप्रेक्ष्य में मुद्रास्फीति की दर कम होगी। बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाने के लिए किए गए उपायों के फलस्वरूप मुद्रास्फीति घटेगी या नहीं, इस सवाल पर प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसी उम्मीद तो की जानी चाहिए। चिदंबरम ने हालाँकि आगाह किया कि महँगाई के मोर्चे पर किसी करिश्मे की उम्मीद नहीं की जानी चाहिए। चिदंबरम ने कहा कि सरकार का आयातित वस्तुओं की कीमतों पर नियंत्रण नहीं है। साथ ही विश्वास जताया कि अगले कुछ सप्ताह में अंतरराष्ट्रीय कीमतें कम होंगी। उन्होंने कहा कि मुझे यकीन है कि आने वाले कुछ हफ्तों में अंतरराष्ट्रीय कीमतें नरम पड़ेंगी।
चिदंबरम ने कहा कि सीआरआर बढ़ाने के आरबीआई के फैसले से 18 हजार करोड़ रुपए की रकम सोख ली जाएगी और इसी हिसाब से नकदी कम होगी।
रिजर्व बैंक ने कल सीआरआर में 0.5 प्रतिशत की तेजी की घोषणा की। यह काम दो चरणों में पहले 26 अप्रैल और फिर दस मई को होगा। मुद्रास्फीति की बढ़ती दर को नियंत्रित करने के लिए शीर्ष बैंक ने यह कदम उठाया। सीआरआर वह अनिवार्य नकद जमा राशि है, जो बैंक हर समय केन्द्रीय बैंक के पास रखते हैं। चिदंबरम ने कहा कि सीआरआर में बढ़ोतरी से कीमतों पर कुछ असर पड़ेगा, लेकिन किसी चमत्कार की उम्मीद मत कीजिए। इसमें कुछ समय लगेगा। हमें धैर्य रखना चाहिए।
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