भाजपा ने शुक्रवार को कहा कि कांग्रेस सरकार धर्मान्तरण किए हुए दलित ईसाई और मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा दे कर आरक्षण देना चाहती है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी की उपस्थिति तथा राजनाथसिंह की अध्यक्षता में आज ही पार्टी के पदाधिकारियों की बैठक में पारित राजनीतिक प्रस्ताव में यह बात कही गई है।
प्रस्ताव में कहा गया है कि कांग्रेस की वोट बैंक की राजनीति का एक और प्रमाण सामने आया है। अब वह न्यायमूर्ति रंगनाथ मिश्र कमेटी की सिफारिशों को स्वीकार करके धर्मांतरण किए हुए दलित ईसाइयों और मुसलमानों को अनुसूचित जाति का दर्जा दे कर आरक्षण देना चाहती है। यह संविधान के खिलाफ और तर्को से परे है।
इसमें कहा गया है कि अनुसूचित जाति को मिल रहे आरक्षण को छीनने का यह एक और प्रयास है। संविधान में अनुसूचित जाति को दिए गए आरक्षण को अल्पसंख्यक संस्थाओं में समाप्त कर पहले ही सरकार ने अनुसूचित जाति विरोधी कदम उठाया है।
प्रस्ताव में आगे कहा गया है कि अब सरकार अनुसूचित जाति का आरक्षण छीनने के लिए यह नई चाल चल रही है। भाजपा इन प्रयासों की घोर निंदा करती है और माँग करती है कि धर्मांतरित लोगों को अनुसूचित जाति का दर्जा किसी कीमत पर नहीं दिया जाएगा।
|