महँगाई को काबू करने या गद्दी छोड़ने का सरकार पर दबाव बनाने के लिए भाजपा ने महँगाई तथा किसानों की समस्या पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन शुरू करने का शुक्रवार को फैसला किया।
चुनाव के इस वर्ष में राजग के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार लालकृष्ण आडवाणी की उपस्थिति और राजनाथसिंह की अध्यक्षता में हुई भाजपा के केंद्रीय पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण बैठक में यह फैसला किया गया है।
बैठक के बाद पार्टी प्रवक्ता प्रकाश जावड़ेकर ने बताया कि महँगाई के खिलाफ देशव्यापी आंदोलन की रूपरेखा के बारे में सोमवार को राजग की बैठक में अंतिम निर्णय किया जाएगा।
इस बीच महँगाई पर शुरू होने वाले राष्ट्रीय आंदोलन की रूपरेखा तैयार करने के लिए पार्टी अध्यक्ष ने एक समिति गठित की है, जिसमें सुषमा स्वराज, अरूण जेटली, विजय गोयल, बलबीर पुंज, रविशंकर प्रसाद और प्रकाश जावड़ेकर सदस्य होंगे।
बैठक में एक राजनीतिक प्रस्ताव भी पारित किया गया, जिसमें सार्वजनिक वितरण प्रणाली से लोगों को पर्याप्त मात्रा में गेहूँ, चावल, शक्कर, खाद्य तेल और दाल वाजिब दरों पर मुहैया कराने की माँग की गई है।
प्रस्ताव में सीमेंट और स्टील के दामों को कम करने के लिए कंपनियों पर प्रभावी नियंत्रण करने और खाद्य वस्तुओं के वायदा व्यापार को बंद करने की भी माँग की गई।
प्रस्ताव में जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री तथा पीडीपी नेता मुफ्ती मोहम्मद सईद द्वारा कश्मीर घाटी में पाकिस्तानी मुद्रा को मान्यता देने के सुझाव की भर्त्सना करते हुए खारिज कर दिया गया। इसमें कहा गया है कि कांग्रेस के समर्थन से मुख्यमंत्री रह चुके सईद अलगाववादियों की भाषा बोल रहे हैं।
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