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सरबजीत के पर‍िजन 23 को पाक जाएँगे
पाकिस्तान की एक अदालत ने भारतीय नागरिक सरबजीतसिंह की फाँसी की तारीख एक मई भले ही मुकर्रर कर दी हो लेकिन उसके परिवार ने उम्मीद का दामन नहीं छोडा है।

सरबजीत के परिवार वाले उसे फाँसी के फंदे से बचाकर लाने की कोशिश में 23 अप्रैल को पाकिस्तान जा रहे हैं। सरबजीत के जीजा बलदेवसिंह ने बताया कि वह सरबजीत की बहन दलबीर कौर, उसकी पत्नी सुखप्रीत कौर और उसकी दो बेटियों स्वप्नदीप व पूजा के साथ सड़क मार्ग से वाघा सीमा पार कर पाकिस्तान में कदम रखेंगे।

उन्होंने कहा कि हम पहले लाहौर की कोट लखपत जेल में सरबजीत से मिलेंगे। वीजा में हमें ननकाना साहब जाने की इजाजत दी गई है। इस बीच परिवार पाकिस्तान में मानवाधिकार कार्यकर्ता अंसार बर्नी से संपर्क बनाए हुए है, जो राष्ट्रपति परवेज मुशर्रफ, प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी के नेता आसिफ जरदारी से उनकी मुलाकात तय कराने में जुटे हैं।

पाकिस्तान जाने का वीजा मिलने की सूचना से सरबजीत का परिवार दो दिन पहले बहुत खुश था, लेकिन आज जब से उन्होंने फाँसी की तारीख तय होने की खबर पढ़ी है तब से उनके बीच गम का माहौल है।

सरबजीत की बहन दलबीर कौर को सुबह से ही तेज बुखार हो गया है और उन्हें उल्टियाँ आ रही हैं। फिर भी परिवार को उम्मीद है कि उनके पाकिस्तान जाने से वहाँ के हुक्मरान का दिल पसीजेगा और वे सरबजीत को बचा कर ले आएँगे।
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